पहचान
बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैंतुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं
मिरी नज़रें भी ऐसे क़ातिलों का जान ओ ईमाँ हैंनिगाहें मिलते ही जो जान और ईमान लेते हैं
जिसे कहती है दुनिया कामयाबी वाए नादानीउसे किन क़ीमतों पर कामयाब इंसान लेते हैं
हमारी हर नज़र तुझ से नई सौगंध खाती हैतो तेरी हर नज़र से हम नया पैमान लेते हैं
'फ़िराक़' अक्सर बदल कर भेस मिलता है कोई काफ़िरकभी हम जान लेते हैं कभी पहचान लेते हैं